जयपुर, 28 फरवरी
राजस्थान के सीकर में शुक्रवार को शाम 5 बजे से बाबा खाटू श्याम के प्रसिद्ध मेले की शुरुआत हो रही है। 11 मार्च तक चलने वाले इस मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
इस साल मंदिर परिसर को वैष्णो देवी मंदिर की तरह सजाया गया है। सिंह द्वार पर श्री कृष्ण को शीश अर्पित करते हुए बर्बरीक (भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र) की आकृति बनाई गई है। इसके अलावा मंदिर में वैष्णो देवी मंदिर की तरह ही लाल कपड़े से बंधे नारियल और घंटियां भी रखी जाएंगी।
बाबा श्याम के दरबार को आठ देशों से मंगाए गए 65 किस्म के फूलों से सजाया गया है।
मंदिर परिसर में 20 अनूठी पुष्प प्रजातियां हैं, जिनमें हॉलैंड, दक्षिण अफ्रीका, कोलंबिया, न्यूजीलैंड, चीन, इटली और बैंकॉक के हाइडेनिया, पिनोनोप्सिस, इम्पोसिया, डिशबर्ड, रेड बेरी और आर्किड शामिल हैं। गुलाब, कारनेशन, लिली एंथुरियम, अल्कोनिया और किश्तिवम जैसे भारतीय फूलों का भी इस्तेमाल किया गया है। दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है और पिछले साल की तरह इस बार भी भक्त 14 निर्धारित लाइनों से होकर दर्शन के लिए आगे बढ़ेंगे। सुगम आवागमन के लिए रींगस से खाटू तक कालीन बिछाया गया है। बाबा के दरबार तक पहुंचने से पहले तीर्थयात्री 8 किलोमीटर का सफर तय करेंगे। दिव्यांग और बुजुर्ग भक्तों के लिए और भी सुगम व्यवस्था की गई है। मेला प्रभारी एसडीएम मोनिका समोर ने बताया कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए इस साल चरण खेत में पिछले साल के सात ब्लॉक की तुलना में नौ ब्लॉक बनाए गए हैं। सरकारी प्रोटोकॉल पास वालों को छोड़कर वीआईपी दर्शन बंद रहेंगे। मंदिर से 250 मीटर की दूरी पर लाला मांगेराम धर्मशाला के पास बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अलग से प्रवेश लाइन बनाई गई है। व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं को इस समर्पित मार्ग से सीधे प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। साथ ही, यातायात और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। सुगम प्रवेश और निकास के लिए वन-वे मूवमेंट लागू किया जाएगा। छोटे वाहनों के लिए सीकर-रींगस रोड पर मांडा मोड़ के पास एक बड़ी पार्किंग सुविधा स्थापित की गई है। श्रद्धालुओं को बसों द्वारा 52 बीघा पार्किंग स्थल तक ले जाया जाएगा और वे पैदल मंदिर तक अपनी यात्रा जारी रखेंगे। विशेष परिस्थितियों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सोलह आपातकालीन द्वार लगाए गए हैं। 11 मार्च तक चलने वाले मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, इसलिए आगंतुकों के लिए सुगम अनुभव सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों में इस बार वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं, आठ फीट से ऊंचे बैनर और साइन की अनुमति नहीं, मंदिर के अंदर कांटेदार गुलाब की सख्त मनाही, कांच की बोतलों में इत्र की अनुमति नहीं, मेला परिसर में छोटे और बड़े डीजे पर पूरी तरह से प्रतिबंध और तोरण द्वार से आगे ढोल नहीं ले जाना शामिल है।
यहां यह बताना जरूरी है कि सीकर में स्थित खाटू मंदिर में साल भर भारी भीड़ रहती है। साथ ही, सालाना मेले में देश भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं।