गुरुग्राम, 5 अप्रैल
पुलिस ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस के साइबर क्राइम थाने की टीम ने एक पीड़ित से फर्जी अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 1.20 लाख रुपये ठगने के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस संबंध में साइबर क्राइम थाने (दक्षिण) में अक्टूबर 2024 में शिकायत दर्ज कराई गई थी और बाद में थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान उक्त थाने के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शुक्रवार को राजस्थान के सीकर से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान राजस्थान के सीकर निवासी समीर, रूप किशोर, श्रवण और मनोज के रूप में हुई है।
साइबर क्राइम थाने के एसएचओ नवीन कुमार ने बताया, "इस कथित धोखाधड़ी में आरोपी समीर और श्रवण के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया और आरोपी रूप किशोर और मनोज ने इन बैंक खातों को साइबर जालसाजों को उपलब्ध कराया। बदले में श्रवण, समीर और रूप किशोर को 3000 रुपये और आरोपी मनोज को 6000 रुपये मिले।" गुरुग्राम पुलिस ने दावा किया है कि साइबर अपराध के खिलाफ उनके द्वारा उठाए गए कदमों के कारण पिछले साल की तुलना में कम शिकायतें प्राप्त हुईं। पुलिस ने दावा किया कि पिछले साल की तुलना में धोखाधड़ी की राशि में 45 प्रतिशत की कमी आई है और पिछले साल की तुलना में दोगुने से अधिक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पहले तीन महीनों के दौरान साइबर अपराधियों द्वारा की गई धोखाधड़ी की जांच करते हुए लगभग 13.7 करोड़ रुपये जब्त/बरामद भी किए गए। गुरुग्राम पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 के पहले तीन महीनों के दौरान पुलिस को साइबर अपराध से संबंधित 9,891 शिकायतें प्राप्त हुईं। वर्ष 2025 की इसी अवधि में साइबर अपराध/धोखाधड़ी से संबंधित कुल 9,675 शिकायतें प्राप्त हुईं। इसी प्रकार, साइबर धोखाधड़ी के संबंध में, वर्ष 2024 में उक्त समय अवधि के दौरान 298 मामले दर्ज किए गए, तथा वर्ष 2025 में 420 मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2024 के पहले तीन महीनों के दौरान साइबर ठगों द्वारा कुल 118.87 करोड़ रुपये की ठगी की गई, तथा वर्ष 2025 में कुल 65.34 करोड़ रुपये की ठगी की गई। इसी प्रकार, वर्ष 2024 में साइबर अपराधियों द्वारा ठगी गई राशि में से कुल 1989 करोड़ रुपए जब्त/बरामद किए गए तथा वर्ष 2025 में साइबर अपराधियों द्वारा ठगी गई राशि में से कुल 13.7 करोड़ रुपए जब्त/बरामद किए गए, जिससे साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं पर निष्प्रभावी प्रभाव पड़ा।
उपर्युक्त समयावधि में वर्ष 2024 में कुल 290 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा वर्ष 2025 में कुल 629 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बढ़ रहे साइबर अपराध को देखते हुए साइबर पुलिस स्टेशन टीमों को योजनाबद्ध तरीके से साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को जागरूक करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।