जयपुर, 5 अप्रैल
राजस्थान में दरगाह पुलिस ने एक और बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो कई साल पहले भारत-बांग्लादेश सीमा पार करके भारत में अवैध रूप से रह रहा था।
इस गिरफ्तारी के साथ ही राजस्थान में चल रही कार्रवाई के तहत हिरासत में लिए गए बांग्लादेशी नागरिकों की कुल संख्या 20 हो गई है।
दरगाह थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) दिनेश जीवानी के अनुसार, अजमेर पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा द्वारा क्षेत्र में रहने वाले अवैध प्रवासियों और घुसपैठियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक जिला विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन किया गया है।
अभियान के तहत, टास्क फोर्स ने एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए अवैध निवास के संदिग्ध लगभग 15 से 20 व्यक्तियों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान, उनमें से एक ने बांग्लादेशी नागरिक होने की बात कबूल की।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मोहम्मद मुनीर हुसैन (60) पुत्र अब्दुल और ढाका, बांग्लादेश निवासी के रूप में हुई है। उसने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने और कई वर्षों से अजमेर के दरगाह क्षेत्र में रहने की बात स्वीकार की। एसएचओ जीवानी ने पुष्टि की कि अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई जारी है और विशेष अभियान के तहत अब तक 20 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया है। हाल ही में राजस्थान के गृह मंत्री जवाहर सिंह बेधान ने आईएएनएस को बताया कि राज्य सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों से सख्ती से निपट रही है। उदयपुर जेल में दो बांग्लादेशी और जयपुर सेंट्रल जेल में नौ बांग्लादेशी हैं।
उदयपुर जेल में बंद लोगों में स्वरूप अधिकारी और मिलन मंडल शामिल हैं, जबकि सेंट्रल जेल में बंद अन्य लोगों में सहग खान, नोज्रुल उर्फ नोजू फकीर, रूपाली, सुल्तान, आजाद हुसैन, मेहंदी हसन, अहसनुल कोबीर, नूरूल और इंदादुल शामिल हैं। इस बीच गृह मंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि भाजपा सरकार राज्य में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 2024 में 521 रोहिंग्याओं की पहचान की गई, जबकि 2025 में 520 रोहिंग्याओं की पहचान की गई। इसी तरह, वर्ष 2024 में कम से कम 22 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 14 को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया। वर्ष 2025 में करीब 23 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया और 16 को वापस भेजा गया।