चंडीगढ़, 3 अप्रैल, 2025 –
जिला स्तरीय समिति, अर्पण (भिक्षावृत्ति में लिप्त जरूरतमंद व्यक्तियों के पुनर्वास और सक्रिय सहायता के लिए कार्रवाई) की पहली बैठक आज श्री अमनदीप सिंह भट्टी, अतिरिक्त उपायुक्त, यू.टी., चंडीगढ़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग (डब्ल्यूसीडी) द्वारा नवगठित समिति का उद्देश्य भिक्षावृत्ति से संबंधित मुद्दों का समाधान करना और भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों का पुनर्वास सुनिश्चित करना है। ‘अर्पण’ जिले में भिक्षावृत्ति विरोधी प्रयासों के लिए केंद्रीय समन्वय प्राधिकरण के रूप में कार्य करता है।
यह अंतर-विभागीय सहयोग को सुविधाजनक बनाने, प्रगति की निगरानी करने, चुनौतियों का समाधान करने, मामलों का केंद्रीकृत डेटाबेस बनाए रखने, नियमित रिपोर्टिंग के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करने, जन जागरूकता अभियानों को बढ़ावा देने, संसाधन आवंटन को अनुकूलित करने और पुनर्वास पहलों को मजबूत करने के लिए नीतिगत संवर्द्धन की सिफारिश करने के लिए जिम्मेदार है।
उद्घाटन बैठक में पुलिस विभाग, श्रम विभाग, एनजीओ उम्मेद, यूटीसीपीएस, डीसीपीयू, शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधियों, एएचटीयू, बाजार संघों और निवासी कल्याण संघों सहित विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। सदस्यों ने भिक्षावृत्ति के मुद्दे से निपटने के लिए प्रभावी रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की और बहुमूल्य सुझाव साझा किए।
बैठक के दौरान, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों ने भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए अपने चल रहे प्रयासों के बारे में अध्यक्ष को जानकारी दी और इस प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। चर्चा में पुनर्वास उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक सहयोगी, बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
समिति ने समन्वित हस्तक्षेप और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से भिक्षावृत्ति को संबोधित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिससे इस मुद्दे के अधिक संरचित और टिकाऊ समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ।