मुंबई, 29 मार्च
भारत का अल्ट्रा-लक्जरी घर बाजार तेजी से बढ़ रहा है और पिछले तीन सालों में, 49 ऐसे घर - जिनमें से प्रत्येक की कीमत 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक है - 7,500 रुपये में बिके हैं, शनिवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
भारत के तेजी से बढ़ते लग्जरी रियल एस्टेट बाजार के प्रमाण के रूप में, अल्ट्रा-लक्जरी आवासीय बिक्री में अभूतपूर्व उछाल आया है और अब अपार्टमेंट बंगलों की तुलना में अल्ट्रा-लक्जरी सेगमेंट पर हावी हो गए हैं।
जेएलएल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस गति में कमी आने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि 2025 के पहले दो महीनों में पहले ही चार अल्ट्रा-लक्जरी घरों की बिक्री हो चुकी है, जिनकी कुल कीमत 850 करोड़ रुपये है।
पिछली धारणाओं के विपरीत, बंगले और विला जैसे स्वतंत्र घर अब ट्रॉफी आवासीय निवास के समानार्थी नहीं रह गए हैं। जेएलएल के मुख्य अर्थशास्त्री और अनुसंधान प्रमुख तथा आरईआईएस, भारत डॉ. सामंतक दास ने कहा, "हमारे विश्लेषण के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में कुल सौदों में 100 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले अपार्टमेंट की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत थी; बंगलों की हिस्सेदारी शेष 35 प्रतिशत थी।"
दास ने बताया कि हालांकि, इस मूल्य सीमा से ऊपर भी कुछ संपत्तियों का लेन-देन हुआ और उनकी कीमत 200-500 करोड़ रुपये के बीच थी। हालांकि, कई भारतीय शहरों में प्रीमियम आवासीय संपत्तियों की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन इन विशेष संपत्तियों के लिए उपयुक्त घर खरीदार प्रोफ़ाइल की बात करें तो मुंबई और दिल्ली एनसीआर सबसे आगे हैं।