मुंबई, 29 मार्च
राज्य सार्वजनिक वितरण कंपनी महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) या (महावितरण) के लगभग 3.16 करोड़ उपभोक्ताओं को 2025-26 से 2029-30 तक बिजली दरों में कम भुगतान करना होगा।
बिजली नियामक महाराष्ट्र विद्युत विनियामक आयोग (MERC) ने शुक्रवार देर रात जारी अपने आदेश में मौजूदा टैरिफ (ईंधन समायोजन लागत सहित) के मुकाबले वित्त वर्ष 2025-26 में 10 प्रतिशत की टैरिफ कटौती और वित्त वर्ष 2029-30 तक 16 प्रतिशत की संचयी कटौती को मंजूरी दी है, जबकि महावितरण ने वित्त वर्ष 2025-26 में 0 प्रतिशत संशोधन और वित्त वर्ष 2029-30 तक 3.6 प्रतिशत की कटौती का दावा किया था।
यह 44,481 करोड़ रुपये के अनुमानित राजस्व अधिशेष और आपूर्ति की कुल औसत लागत में इसी कमी के साथ किया गया था।
एमईआरसी ने महावितरण की बहु-वर्षीय टैरिफ याचिका पर अपना आदेश जारी किया। संशोधित टैरिफ 1 अप्रैल से प्रभावी होंगे।
सभी स्लैब में सभी आवासीय उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में कुल कमी 10-12 प्रतिशत की सीमा में है।
खपत स्लैब (1-100 यूनिट) वाले आवासीय उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में कमी वित्त वर्ष 2029-30 तक लगभग 24 प्रतिशत होगी।
इसके अलावा, एमईआरसी ने सौर घंटों (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) के दौरान खपत के लिए आवासीय उपभोक्ताओं के लिए 0.80 से 1.00 रुपये/किलोवाट घंटा की समय-सीमा (टीओडी) छूट सक्षम की है। एमईआरसी ने 44,480 करोड़ रुपये के राजस्व अधिशेष को मंजूरी दी है, जबकि महावितरण ने 48,066 करोड़ रुपये के राजस्व अंतर का अनुमान लगाया था।